IDBI ऋण माफी को लेकर किसानों का बड़ा ऐलान, आज से भूख हड़ताल शुरू

धमधा। IDBI बैंक से जुड़े ऋण माफी के 54 लंबित प्रकरणों को लेकर आखिरकार किसानों का सब्र टूट गया। किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के नेतृत्व में किसानों ने आज से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। किसानों ने साफ कर दिया है कि अब मांगों को लेकर सिर्फ ज्ञापन और बैठकों का दौर नहीं चलेगा, बल्कि सड़क पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

ग्राम पेंड्री, परसबोड़, कूटहा, खपरी, खैरझिटी और हिरेतरा के 54 किसानों के ऋण माफी प्रकरण लंबे समय से लंबित बताए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस मामले को लेकर दुर्ग कलेक्टर को पहले भी ज्ञापन सौंपा गया, प्रभावित किसानों की सूची मंगाई गई और अधिकारियों के साथ बैठकें भी हुईं, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसानों को अंतिम समाधान नहीं मिला।

अब किसान बोले—बहुत हो चुका!

किसानों ने मांग की है कि पात्र किसानों के ऋण माफी प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए और पूरे मामले की जांच कर किसानों को उनका हक दिलाया जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण अब भूख हड़ताल को मजबूर होना पड़ा है।

परसबोड़ ट्रांसफार्मर को लेकर भी नाराजगी

इसी आंदोलन में ग्राम परसबोड़ में आबादी और मुख्य मार्ग के पास लगे विद्युत ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। ग्रामीणों के अनुसार विद्युत विभाग ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए 76,444.62 रुपए की डिमांड जारी की है।

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि ट्रांसफार्मर आबादी और मुख्य मार्ग के पास होने से सुरक्षा का खतरा है, तो उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का आर्थिक बोझ ग्रामीणों पर क्यों डाला जाए?

बाबा टेक सिंह चंदेल का दो टूक संदेश—“किसान किसी पार्टी का हिस्सा नहीं”

किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने आंदोलन को लेकर सरकार और प्रशासन को दो टूक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर कई बार प्रशासन से चर्चा हो चुकी है, लेकिन जब समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने भूख हड़ताल का रास्ता चुना है।

उन्होंने कहा—

“किसान वर्ग किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं है। जो किसान हित की बात करेगा, किसान उसका है।”

उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के हक और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए है। मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। और किसानों के इस हक को लड़ाई के भूख हड़ताल को प्रदेश के किसानों के लिए दुर्भाग्य बताया।

आज से किसानों की लड़ाई आमने-सामने

भूख हड़ताल शुरू होने के साथ ही धमधा क्षेत्र में किसानों का आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश कर गया है। किसानों ने संकेत दे दिया है कि यदि लंबित ऋण माफी प्रकरणों और अन्य मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।

आंदोलन में किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक अध्यक्ष आत्मा साहू, पूर्व जनपद सदस्य डॉ. जोहान वर्मा, पूर्व सरपंच मोती राम वर्मा, लोधी समाज सर्किल धमधा अध्यक्ष ढालू वर्मा सहित पंचराम साहू, दुवासू साहू, मनसुख साहू, हर्ष साहू, हेमराज साहू, सुभाष साहू, गोलू साहू, भानु साहू, तेजेश्वर सोनवानी, कमल नारायण, पेखन यादव, भवानी सिन्हा, पितु चंदेल, बिसंभर साहू, जनकु साहू, जय सिंह साहू, उपेंद्र साहू, भूपेंद्र सिंह, भूपेंद्र साहू, पीतलेश साहू, देवेंद्र वर्मा, धनेश वर्मा, चेतन देवांगन सहित सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

अब सवाल सिर्फ ऋण माफी का नहीं… किसान के हक का है।

भूख हड़ताल शुरू हो चुकी है, अब देखना होगा प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।

nikettamrakar
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