भानुप्रतापपुर। भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच बनाई गई राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क पर बारिश के बाद भारी जलभराव का मामला सामने आया है। एक रात की बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
नवरंगपुर प्रवास के दौरान विधायक ने भारतमाला परियोजना के तहत बनी सड़क का जायजा लिया। मौके पर सड़क के कई हिस्सों में पानी जमा नजर आया। विधायक ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के बाद इस तरह जलभराव होना गंभीर चिंता का विषय है।
ड्रेनेज सिस्टम पर उठाए सवाल
विधायक ने आरोपों की जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने सड़क निर्माण के साथ ड्रेनेज व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग की।
उनका कहना है कि अगर सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई है, तो बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है। इससे सड़क की मजबूती के साथ-साथ वाहन चालकों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
निर्माण में अनियमितता की जांच की मांग
विधायक सावित्री मनोज मंडावी ने सड़क निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था में संभावित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद यदि किसी तरह की गड़बड़ी या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
हालांकि, विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ जलभराव होना अपने आप में भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं है। किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल?
बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए जलभराव ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क पर बारिश के पानी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं दिखे।
फिलहाल विधायक ने पूरे मामले की तकनीकी जांच और ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जलभराव की वजह निर्माण संबंधी खामी है या कोई अन्य तकनीकी कारण।

