चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की टीमें रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। टनल में फंसे 22 लोगों में से 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 3 लोगों की तलाश जारी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, सेना और अन्य विशेषज्ञ टीमें मौके पर तैनात हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने संभाली रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए और चमोली जिला प्रशासन समेत सभी संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखा।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और घायलों के उपचार एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
3 किलोमीटर लंबी है टीआरटी टनल
यह टनल टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत बनाई जा रही है। टीआरटी टनल की लंबाई करीब 3 किलोमीटर है। जानकारी के मुताबिक टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे लोग फंस गए।
टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। इनमें से 19 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला जा चुका है। वहीं, शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है। राहत कार्यों के लिए टनल के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित बताए गए हैं।
हादसे में 7 लोगों की मौत
घटना में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना है। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष के मुताबिक, टीएचडीसी से 19 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से 7 लोगों को मृत घोषित किया गया, जबकि 13 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत काफी हद तक स्थिर बताई गई है।
छाती से ऊपर था पानी का स्तर
एनडीआरएफ टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों में टीम गौचर से रवाना हो गई थी। टीम रात करीब 8:45 बजे घटनास्थल पर पहुंची और 8:55 बजे ऑपरेशन शुरू किया।
उन्होंने बताया कि क्विक रिस्पॉन्स टीम के 6 बचावकर्मी सबसे पहले सुरंग के अंदर गए। इस दौरान पानी का स्तर छाती से ऊपर था। टीम सुरंग के भीतर घटना वाली जगह तक पहुंची और पानी में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने चार शवों को भी बाहर निकाला।
3 लोगों को निकालना बनी चुनौती
टनल के अंदर मलबे और पानी की चुनौती के बीच बचाव दल बेहद सावधानी और समन्वय के साथ अभियान चला रहे हैं। प्रशासन की ओर से शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आवश्यक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने रेस्क्यू टीमों और अधिकारियों से लगातार जानकारी लेते हुए निर्देश दिया है कि सभी उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर टनल में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए।

