धमधा। खैरझिटी के जर्जर प्राथमिक शाला भवन को लेकर ग्रामीणों, पालकों और किसान बंधु संगठन द्वारा लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष का आखिरकार असर दिखाई दिया है। कलेक्टर दुर्ग द्वारा जारी आदेश में शासकीय प्राथमिक शाला खैरझिटी के जर्जर भवन को निष्प्रयोज्य घोषित करते हुए डिस्मेंटल (ध्वस्तीकरण) करने की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
ज्ञात हो कि खैरझिटी का स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था, जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई ग्राम पंचायत भवन सहित अन्य अस्थायी व्यवस्थाओं में संचालित की जा रही थी। ग्रामीण लगातार नए भवन निर्माण और शिक्षकों की व्यवस्था की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे को लेकर किसान बंधु संगठन के नेता बाबा टेक सिंह चंदेल के नेतृत्व में कई आंदोलन, ज्ञापन और प्रदर्शन किए गए। किसानों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया था।
जब जिला प्रशासन द्वारा जर्जर स्कूल भवनों की सूची जारी की गई थी, तब उसमें खैरझिटी स्कूल का नाम शामिल नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी थी। इसके विरोध में किसान बंधु संगठन ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया था। साथ ही बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ाने और 15 अगस्त को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में झंडा फहराने का निर्णय भी लिया गया था।
लगातार जनदबाव और आंदोलन की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खैरझिटी स्कूल भवन को डिस्मेंटल करने का आदेश जारी कर दिया है। आदेश जारी होने के बाद क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों, पालकों और बच्चों में खुशी का माहौल है।
इस संबंध में किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा, “बहुत ही संघर्ष के बाद आज जिला प्रशासन और विशेष रूप से कलेक्टर अभिजीत सिंह जी द्वारा खैरझिटी स्कूल को डिस्मेंटल करने का आदेश जारी किया गया है, जिससे किसानों, ग्रामीणजनों और बच्चों में हर्ष व्याप्त है। लेकिन हमारी सबसे बड़ी मांग अभी भी बाकी है। नए स्कूल भवन की स्वीकृति और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था पर अभी मुहर लगना शेष है। हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस दिशा में भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा, अन्यथा हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर है। देखना होगा कि खैरझिटी के बच्चों को नया स्कूल भवन और पर्याप्त शिक्षक कब तक मिल पाते हैं।


