संसद में आज खत्म हो सकता है गतिरोध, परिसीमन समेत अटके विधेयकों पर बनेगी रणनीति

नई दिल्ली संसद के मानसून सत्र में सरकार और कांग्रेस के बीच जारी गतिरोध अभी भी खत्म नहीं हुआ है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू के बीच दो दिनों तक चली बातचीत के बावजूद किसी ठोस सहमति पर पहुंचा नहीं जा सका। हालांकि, शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विपक्ष के सवालों का जवाब दिए जाने की संभावना है, जिसके बाद संसद की कार्यवाही सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं।

कांग्रेस विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक, महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर अड़ी हुई है। वहीं सरकार का कहना है कि अधिकांश राजनीतिक दलों से पहले ही चर्चा हो चुकी है और केवल कांग्रेस से बातचीत शेष है। सरकार का दावा है कि अगले एक-दो दिनों में इन लंबित विधेयकों पर आगे की रणनीति तय कर ली जाएगी।

13 अगस्त को समाप्त हो रहे मानसून सत्र को देखते हुए सरकार और विपक्ष दोनों पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है। विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में सरकार की पहल पर चर्चा करते हुए सर्वदलीय बैठक की मांग दोहराई गई। इसके बाद किरेन रिजीजू और राहुल गांधी के बीच फोन पर भी बातचीत हुई, लेकिन गतिरोध कायम रहा।

सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण, परिसीमन और FCRA जैसे संवेदनशील विधेयकों को व्यापक चर्चा के बाद ही पारित किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस के विरोध के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सरकार का यह भी स्पष्ट संदेश है कि केवल एक दल के विरोध के चलते महत्वपूर्ण विधेयकों को अनिश्चितकाल तक नहीं रोका जा सकता। इसी बीच संसद के दोनों सदनों से कई अन्य विधेयक हंगामे के बीच भी पारित किए जा चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार के पास आवश्यक समर्थन जुट चुका है, लेकिन सदन में सुचारु मतदान के लिए विपक्ष के सहयोग की जरूरत बनी हुई है। यह भी चर्चा है कि यदि सरकार परिसीमन विधेयक पर आगे बढ़ती है तो उसे पहले राज्यसभा में पेश किया जा सकता है, जहां संख्या बल अपेक्षाकृत अनुकूल माना जा रहा है। इस संबंध में अंतिम निर्णय शुक्रवार को लिया जा सकता है।

FCRA संशोधन पर ईसाई संगठनों से मिले अमित शाह

इस बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने FCRA संशोधन विधेयक को लेकर फैली आशंकाओं और भ्रम को दूर करने की पहल तेज कर दी है। उन्होंने संसद भवन परिसर में ईसाई समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित संशोधनों को लेकर अपनी शंकाएं रखीं। सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संशोधनों को लेकर कई तरह का दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी समुदाय के हितों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि विदेशी अनुदान व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

सूत्रों के अनुसार, संसद में FCRA संशोधन विधेयक पर 12 अगस्त को चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन संसद की कार्यवाही और लंबित विधेयकों के भविष्य के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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