दुर्ग। धमधा विकासखंड के ग्राम रौंदा में ग्रामीणों ने गांव की मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी गांव की कई सड़कें कच्ची हैं, जिससे विशेषकर बरसात के मौसम में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में सेवा सहकारी समिति और उप स्वास्थ्य केंद्र जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन वहां तक पहुंचने वाले कई मार्ग अब भी सीसी रोड से वंचित हैं। बारिश के दौरान इन रास्तों पर कीचड़ और जलभराव होने से आम लोगों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी बीच ग्रामीणों का दावा है कि गांव में शराब भट्ठी खोले जाने की चर्चा चल रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब भट्ठी खोलने के बजाय गांव की सड़कों का निर्माण कराया जाए, तो इससे पूरे गांव को स्थायी और व्यापक लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि किसी भी नई योजना से पहले गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि “गांव को शराब भट्ठी नहीं, पक्की सड़क चाहिए।”
अब यह देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर कितना गंभीरता से विचार करता है और गांव की वर्षों पुरानी सड़क समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।

