रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हुई भारी बारिश और जलभराव का असर अब सब्जी उत्पादक किसानों पर साफ दिखाई देने लगा है। खेतों में पानी भरने से कई इलाकों में सब्जियों की फसल खराब हो रही है। अत्यधिक नमी के कारण खीरा, बरबटी, लौकी, लाल भाजी और पालक जैसी सब्जियां सड़ने लगी हैं।
बारिश थमने के बाद भी कई खेतों में पानी जमा है, जिसके कारण सब्जियों की फसल को नुकसान बढ़ता जा रहा है। किसानों के मुताबिक लगातार बारिश से खेतों से पानी निकालना मुश्किल हो रहा है। वहीं, सब्जियों की आवक प्रभावित होने से बाजार में भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
टमाटर और अन्य सब्जियों को नुकसान
बारिश और जलभराव से टमाटर की फसल भी प्रभावित हुई है। कई खेतों में पौधे खराब हो गए हैं और टमाटर सड़ने लगे हैं। वहीं मिर्च, बरबटी, खीरा और अन्य हरी सब्जियों पर भी बारिश का असर पड़ा है।
सब्जी उत्पादकों का कहना है कि फसल खराब होने से उत्पादन घटने की आशंका है, जिसका असर आने वाले दिनों में सब्जियों की कीमतों पर पड़ सकता है।
खेतों में अब भी जमा है पानी
लगातार बारिश के बाद ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों के कई खेतों में पानी भरा हुआ है। जलभराव के कारण सब्जियों की जड़ें खराब हो रही हैं और पौधों में सड़न बढ़ रही है। किसानों को बारिश से फसल के साथ-साथ आर्थिक नुकसान की भी चिंता सता रही है।
सब्जियों के दाम बढ़ने के आसार
सब्जियों की फसल प्रभावित होने और बाजार में आवक कम होने का असर कीमतों पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार टमाटर फिलहाल करीब 35 से 40 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो बची हुई फसल भी खराब हो सकती है।


