बीजापुर। बस्तर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ प्रतिभाओं के लिए भी जाना जाता है। शिक्षा से लेकर खेल के मैदान तक यहां के युवा लगातार अपनी मेहनत और हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के तैराकों ने राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है।
बिलासपुर में आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026-27 में बीजापुर के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने कुल 30 पदक अपने नाम किए। इनमें 8 स्वर्ण, 14 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं।
छात्राओं ने भी दिखाया शानदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता में बीजापुर के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। अंडर-19 छात्राओं की टीम ने द्वितीय स्थान, जबकि अंडर-14 छात्राओं ने तृतीय स्थान हासिल किया।
अंडर-14 वर्ग में सपना ने 2 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीते। वहीं अक्षय ने 1 रजत, सुभाष ने 1 कांस्य, जबकि तमन्ना ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक अपने नाम किया।
अंडर-17 वर्ग में भी खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन
अंडर-17 वर्ग में भी बीजापुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बबलू ने 3 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक हासिल किया। वहीं सरैया ने 1 रजत और 1 कांस्य, संदीप ने 1 कांस्य, रीता ने 3 रजत और गुंजन ने 1 रजत व 1 कांस्य पदक जीता।
इसी वर्ग में रमादेवी ने 1 रजत और 1 कांस्य, जबकि साधना ने 1 रजत पदक अपने नाम किया।
अंडर-19 में भी शानदार उपलब्धि
अंडर-19 वर्ग में बीजापुर की टीम ने द्वितीय स्थान हासिल किया। इस वर्ग में साधना ने 2 स्वर्ण और 2 रजत पदक, जबकि अक्षिता ने 1 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से बीजापुर जिले और स्पोर्ट्स अकादमी में खुशी का माहौल है।
कलेक्टर समेत अधिकारियों ने दी बधाई
खिलाड़ियों की शानदार सफलता पर कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे सहित जिले के अन्य अधिकारियों ने पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षक को बधाई दी।
अधिकारियों ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पाण्डेय, डीएमसी भवानी शंकर रेड्डी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास देवेन्द्र कुमार पटले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में मिली सफलता
खिलाड़ियों की सफलता में उनके प्रशिक्षक एवं मार्गदर्शक दीप्ति वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ नियमित अभ्यास, अनुशासन और आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
खिलाड़ियों ने भी कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बेहतर सुविधाओं से और निखर सकती हैं खेल प्रतिभाएं
बीजापुर के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि बताती है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन, पर्याप्त अवसर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।
बीजापुर स्पोर्ट्स अकादमी के तैराकों द्वारा जीते गए 30 पदक जिले के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि हैं। खिलाड़ियों की इस सफलता ने न केवल जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी नई प्रेरणा दी है।

