कबीरधाम। छत्तीसगढ़ की कबीरधाम जिला पुलिस ने नकली नोट छापकर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपये के नकली नोट, रंगीन प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक इलेक्ट्रिक कार बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने जुलाई महीने में रंगीन प्रिंटर के जरिए नकली नोट तैयार किए थे।
4.50 लाख के नकली नोट मिलने के बाद खुला मामला
पुलिस के अनुसार, कमराखोल गांव निवासी दिनेश कुमार यादव ने पोंडी चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि अप्रैल महीने में उसने घुरवा राम को 3.75 लाख रुपये उधार दिए थे। रकम वापस मांगने पर घुरवा राम ने सतीश कुमार के माध्यम से पैसे लौटाने की बात कही।
इसके बाद सतीश कुमार ने रकम देने के लिए दिनेश को पोंडी स्थित शराब भट्ठी के पास बुलाया। 9 अगस्त की रात करीब 9 बजे दिनेश अपने साथी कैलाश चंद्रवंशी के साथ मौके पर पहुंचा। वहां सतीश कुमार अपने एक दोस्त के साथ मौजूद था।
पैसों की बातचीत के बाद सतीश ने दिनेश को काले रंग के बैग में रकम दी। दिनेश ने जब नोटों की जांच की तो उसे नोट संदिग्ध लगे। बैग खोलकर देखने पर उसमें 500-500 रुपये के कुल 4.50 लाख रुपये के नकली नोट मिले। इसके बाद दिनेश ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पूछताछ में सामने आया नकली नोट छापने का नेटवर्क
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सतीश कुमार से पूछताछ की गई तो नकली नोटों के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सतीश ने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने की बात बताई।
इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
प्रिंटर से जुलाई में तैयार किए थे नकली नोट
पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने पिछले महीने जुलाई में रंगीन प्रिंटर की मदद से नकली नोटों की छपाई की थी। इसके बाद इन नोटों को बाजार में चलाने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपये के नकली नोट, रंगीन प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक इलेक्ट्रिक कार बरामद की है। मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नकली नोटों की छपाई और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
कबीरधाम पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने नकली नोट छापे थे और अब तक इनमें से कितनी रकम बाजार में खपाई जा चुकी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नकली नोटों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

