नई दिल्ली। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को हुए हमले में मौत के बाद मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेतृत्व सौंपा गया था। हालांकि, इसके बाद से करीब 150 दिनों तक वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, जिससे उनके ठिकाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
डिजिटल दुनिया से पूरी तरह दूर रहने का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने पिछले करीब 150 दिनों से न तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है और न ही लैपटॉप, रेडियो या किसी ऐसे उपकरण का, जिससे डिजिटल सिग्नल निकलता हो। माना जा रहा है कि वह अपनी लोकेशन गुप्त रखने के लिए पूरी तरह डिजिटल संपर्क से दूर हैं।
अंडरग्राउंड रहने की चर्चा
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई किसी गुप्त स्थान या भूमिगत ठिकाने पर रह रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि पिछले हमले में घायल होने के कारण वह सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मोसाद और CIA की निगरानी की चर्चा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिका की CIA उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए सक्रिय हैं। बताया जा रहा है कि पहले तकनीकी निगरानी और साइबर इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया, लेकिन अब कथित तौर पर ह्यूमन इंटेलिजेंस (Human Intelligence) के जरिए जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
कई तरह की अटकलें
खुफिया हलकों में यह भी चर्चा है कि मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के पीछे सुरक्षा कारण हो सकते हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में अन्य दावे भी किए गए हैं। हालांकि, इन दावों की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
रणनीतिक महत्व का मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में उनकी लोकेशन या स्थिति को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने आती है, तो यह केवल सुरक्षा नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। फिलहाल ईरान की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक और विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

