रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। राज्य सरकार का फोकस केवल नए उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, रोजगार, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के जरिए प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में सरकार ने निवेशकों के लिए पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल माहौल तैयार करने का दावा किया है।
8.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1.72 लाख रोजगार की संभावना
बीते ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ को 264 औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन या उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कई इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है।
इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे करीब 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार के मुताबिक, ये आंकड़े बताते हैं कि औद्योगिक नीतियों का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है।
टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन
25 जून 2026 को टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया गया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां करीब 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इस इकाई से लगभग 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
नवा रायपुर में विकसित हो रहा यह टेक्सटाइल पार्क छत्तीसगढ़ को टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विनिर्माण को 100%, सेवा क्षेत्र को 150% तक वित्तीय प्रोत्साहन
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। नीति में विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तक और सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।
इसके अलावा एमएसएमई और सेवा क्षेत्र के उद्योगों के लिए विशेष लाभ, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले प्रावधान भी शामिल हैं।
AI डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निवेश पर जोर
सरकार के मुताबिक, नई औद्योगिक नीति के बाद छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल के साथ-साथ डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा है।
नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी पहलें राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।
150 से अधिक सेवाओं वाला सिंगल विंडो सिस्टम
निवेशकों के लिए कारोबार आसान बनाने के उद्देश्य से सरकार ने 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है। इसके साथ ही एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार और विभिन्न प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर भी जोर दिया गया है।
औद्योगिक विकास को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। वहीं 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्यों को मंजूरी दी गई है।
नवा रायपुर में 81 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क
नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। करीब 81 एकड़ क्षेत्र में तैयार किए जा रहे इस पार्क में अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, परिधान, तकनीकी वस्त्र और उनसे जुड़े सहायक उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे।
इसके अलावा सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में फार्मा तथा रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी परियोजनाओं के जरिए राज्य के औद्योगिक आधार को मजबूत करने की तैयारी है।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार पर सरकार का फोकस
विजन 2047 के तहत सरकार का लक्ष्य निवेश को तेजी से जमीन पर उतारना और स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। आने वाले समय में निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य युवाओं को सिर्फ रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने का है।
निवेशकों का बढ़ता भरोसा
नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की बात सामने आई है। इनसे विभिन्न क्षेत्रों में 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ का बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम और बिजनेस-फ्रेंडली माहौल निवेशकों के भरोसे को मजबूत कर रहा है।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में औद्योगिक विस्तार
छत्तीसगढ़ का औद्योगिक अभियान अब केवल निवेश और उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। सरकार इसे रोजगार, नवाचार, तकनीक और क्षेत्रीय विकास से जोड़कर देख रही है। टेक्सटाइल से लेकर एआई, सेमीकंडक्टर और फार्मा तक नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं राज्य के औद्योगिक भविष्य को नई दिशा दे रही हैं।
विजन 2047 के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ निवेश, नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास के जरिए आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

