धमधा। छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं उत्सव समिति, श्रमजीवी पत्रकार संघ, धन्वंतरी मंदिर समिति, लोक गहरी–हमर संस्कृति तथा संस्कृत शिक्षा प्रकोष्ठ (केवटदास साहू समाज) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हरेली तिहार एवं खेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन महामाया प्रांगण, धमधा में उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा हरेली पर्व की सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडल के अध्यक्ष माननीय राजेश सिंह राजपूत का सम्मान किया गया। साथ ही बच्चों को शाला गणवेश, स्कूल बैग एवं पुस्तकें वितरित की गईं तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
दोपहर में आयोजित पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं में नगर एवं क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं तथा बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गेड़ी दौड़, कुर्सी दौड़ एवं भौंरा प्रतियोगिता ने दर्शकों का विशेष आकर्षण प्राप्त किया। प्रतियोगियों ने खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा और कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार क्रमशः 1051 रुपये, 751 रुपये एवं 551 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हरेली तिहार हमारी लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
महामाया प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने हरेली पर्व की पारंपरिक छटा को जीवंत करते हुए सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया।

