नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका, मिसिर बेसरा समेत 3 नक्सली गिरफ्तार

रायपुर नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के वरिष्ठ नेता और कुख्यात नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर को उसके दो सहयोगियों के साथ संयुक्त अभियान में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई 28 जुलाई की देर रात झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती क्षेत्र में की गई।

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खुफिया एजेंसी (आईबी), सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और झारखंड पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर मनियाडीह-टुंडी इलाके में संयुक्त अभियान चलाया। सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर वाहन से भागने की कोशिश कर रहे मिसिर बेसरा और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

बताया गया कि इस कार्रवाई से पहले करीब 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें मिसिर बेसरा का करीबी अंगरक्षक देवन मुर्मू उर्फ शनिश्चरवा भी शामिल था। पूछताछ में मिली अहम जानकारियों के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने मिसिर बेसरा की गतिविधियों पर नजर रखी और उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

ऑपरेशन के दौरान दो अन्य इनामी नक्सलियों मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण मुर्मू और गौरव उर्फ सौरभ को भी गिरफ्तार किया गया। इन दोनों पर विभिन्न राज्य सरकारों ने 15-15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह उस पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम था। उसके खिलाफ झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में 150 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी कर रही है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल था और पूर्वी भारत के कई इलाकों में संगठन की गतिविधियों का संचालन करता था। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है और इससे नक्सली नेटवर्क की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा।

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