किसान vs सिस्टम – अब संघर्ष का नया अध्याय शुरू ,मामला राजस्व रिकॉर्ड में लापरवाही और बिजली की मनमानी कटौती


धमधा – बारिश की फुहारों के बीच भी किसानों का गुस्सा थमता नहीं दिखा। नारों और आक्रोश के साथ धमधा SDM कार्यालय पहुंचे किसानों ने साफ़ संदेश दे दिया – अब सब्र का बाँध टूट चुका है। किसानों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में पटवारियों की लापरवाही और बिजली विभाग की मनमानी कटौती उनके धान, गेहूँ और सब्ज़ी के खेतों को बर्बादी के कगार पर पहुँचा रही है। गलत खसरा, रकबा और नामांतरण की गड़बड़ी ने किसानों को तहसील की दहलीज़ से लेकर कोर्ट-कचहरी तक भटकाया है।

किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा, "रिकॉर्ड सुधार के नाम पर किसानों से पैसे लिए जाते हैं, महीनों तक कोई सुनवाई नहीं होती। हम बेबस हैं और सिस्टम बेपरवाह।"

ठेलका सब स्टेशन की बिजली कटौती ने सिंचाई पूरी तरह ठप कर दी है और कर्मचारियों की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।बारिश में भीगते हुए किसानों ने SDM को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी – अगर समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा

nikettamrakar
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