धमधा (जिला दुर्ग)। ग्राम पंचायत बरहापुर में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों ने पंचायत राजनीति में भूचाल ला दिया है। ग्राम के जागरूक नागरिक छत्रपाल चंदेल ने कलेक्टर दुर्ग एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धमधा को ज्ञापन सौंपते हुए सरपंच श्रीमती बिमला महेश कोशरे और उनके पति महेश कोशरे पर रिश्वतखोरी, अतिक्रमण और पंचायत कार्यों में अनुचित हस्तक्षेप जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
ज्ञापन के अनुसार, ग्राम पंचायत बरहापुर में मिनी स्टेडियम और अटल समरसता भवन का निर्माण ₹16.24 लाख की लागत से पूर्ण हो चुका है। विभागीय अधिकारियों — जनपद पंचायत धमधा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीओ और इंजीनियर — द्वारा निर्माण कार्य का सत्यापन एवं मूल्यांकन भी हो चुका है। इसके बावजूद, ठेकेदार को भुगतान रोका गया है।
आवेदक ने आरोप लगाया कि सरपंच बिमला महेश कोशरे द्वारा भुगतान के एवज में ठेकेदार से ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की जा रही है। यह कृत्य भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता की धारा 7 एवं 13(1)(d) के तहत स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध है।
इतना ही नहीं — सरपंच का पति महेश कोशरे, जो किसी निर्वाचित या अधिकृत पद पर नहीं हैं, पंचायत के सभी कार्यों में अनुचित दबाव और हस्तक्षेप कर रहे हैं। यह आचरण छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की भावना और नियमों के सीधे खिलाफ बताया गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि सरपंच और उनके पति पर पहले से ही अतिक्रमण और शासकीय भूमि के दुरुपयोग से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं।
आवेदक ने प्रशासन से मांग की है कि —
1️⃣ सरपंच एवं उनके पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
2️⃣ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40(1)(ख) के अंतर्गत सरपंच को पद से निलंबित या बर्खास्त किया जाए।
3️⃣ विकास कार्यों का भुगतान शीघ्र स्वीकृत किया जाए ताकि ठेकेदार को आर्थिक क्षति न हो।
4️⃣ श्री महेश कोशरे द्वारा पंचायत कार्यों में की जा रही अनुचित दखलंदाजी पर रोक लगाई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि अब वक्त आ गया है जब बरहापुर पंचायत को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।

सरपंच द्वारा अतिक्रमण किया हुवा सरकारी जमीन

