अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश, वय वंदन कार्ड, मतदाता सूची और राशनकार्ड निरस्तीकरण पर भी जोर
दुर्ग
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी धान खरीदी सीजन 2025-26 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि इस बार खरीदी कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ई-फसल सर्वेक्षण पोर्टल पर पंजीकृत धान उपार्जन किसानों की कम से कम 5 प्रतिशत रैंडम टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाए। इससे फसल पंजीयन की वास्तविकता की पुष्टि हो सकेगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
खरीदी व्यवस्था पर अधिकारियों को लगाया जाएगा ड्यूटी
कलेक्टर ने कहा कि खरीदी के समय किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त कर ली जाएं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को तत्काल ड्यूटी पर लगाया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि खरीदी केंद्रों पर तोल-कांटा, तिरपाल, पानी और अन्य सुविधाओं की जांच कर ली जाए।
वय वंदन कार्ड और आवेदन सत्यापन में तेजी
बैठक में कलेक्टर ने वय वंदन कार्ड बनाने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस काम में तेजी लाते हुए पात्र किसानों से आवेदन लेकर तत्काल सत्यापन की कार्यवाही की जाए। इससे किसानों को खरीदी और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सकेगा।
मतदाता सूची मिलान के लिए डोर-टू-डोर सर्वे
कलेक्टर ने मतदाता सूची का भी बारीकी से मिलान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वार्ड-दर-वार्ड डोर-टू-डोर सर्वे कराया जाए ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
20 हजार से अधिक राशनकार्ड निरस्त
बैठक में यह जानकारी दी गई कि जिले में KYC के अभाव मे अब तक 20 हजार से अधिक राशनकार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष अपात्र राशनकार्डों को भी चिन्हित कर निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राशनकार्ड व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और जरूरतमंदों को ही लाभ दिलाने पर जोर दिया जाए।
खरीदी की निगरानी ई-क्वॉलीटी से
धान खरीदी की गुणवत्ता जांच अब ई-क्वॉलीटी सिस्टम से होगी। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से निगरानी बढ़ेगी और किसानों का विश्वास भी मजबूत होगा।
