नवरात्रि के पावन नौ दिन पूरे होते ही नवमी का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धालु माँ दुर्गा को साबूदाना की खीर अर्पित कर उनके आशीर्वाद और कृपा की कामना करते हैं।
भोग बनाने की विधि
- दूध को उबालें और साबूदाना डालकर गाढ़ा होने तक पकाएँ।
- इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए बादाम/काजू मिलाएँ।
- मीठास के लिए शक्कर या गुड़ का उपयोग करें।
आध्यात्मिक महत्व
- नवमी के दिन साबूदाना खीर खाने और भोग लगाने से अहंकार, लोभ और आलस्य जैसी बुराइयों का नाश होता है।
- यह व्यंजन नकारात्मक ऊर्जा और असुरों का नाश करता है।
- शरीर और मन को पवित्र, स्वस्थ और ऊर्जावान बनाता है।
- घर में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
- खीर को साफ-सुथरे भोग पात्र में रखें और ध्यानपूर्वक माँ को अर्पित करें।
- भोग लगाने के बाद इसे सपरिवार प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें, ताकि ऊर्जा और आशीर्वाद सभी को मिले।
- नवमी के दिन साबूदाना खीर के साथ दूध और मेवे का संयोजन मां की पसंदीदा भोग सामग्री मानी जाती है।
पाठकों के लिए संदेश:
नवरात्रि की नवमी पर साबूदाना खीर सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि घर और मन में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। इसे भोग के रूप में अर्पित करना माँ दुर्गा की कृपा पाने का उत्तम तरीका माना जाता है।
