महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी खेप पकड़ी है। एनएच-53 स्थित रेहटीखोल चेक पोस्ट पर जांच के दौरान एक वाहन से 560 किलो गांजा बरामद किया गया। जब्त गांजे की कीमत करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र नंबर के एक वाहन में भारी मात्रा में गांजा ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रेहटीखोल चेक पोस्ट पर नाकेबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध वाहन को रोककर तलाशी ली गई।
कैरेट के नीचे छिपाकर रखी थीं 16 बोरियां
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को कैरेट के नीचे छिपाकर रखी गई 16 बोरियां मिलीं। इनमें गांजा भरा हुआ था। प्रत्येक बोरी में लगभग 35 किलो गांजा रखा गया था। इस तरह कुल 560 किलो गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे आइशर-माजदा वाहन और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गांजे की कीमत 2 करोड़ 80 लाख रुपये बताई गई है, जबकि वाहन और अन्य जब्त सामान सहित कुल संपत्ति का मूल्य 2 करोड़ 95 लाख 8 हजार रुपये आंका गया है।
महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय अजय रविन्द्र पवार और 25 वर्षीय स्वराज महाजन के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के जलगांव जिले के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ओडिशा के बरहमपुर क्षेत्र से गांजा लेकर महाराष्ट्र जा रहे थे। इसी दौरान महासमुंद में जांच के दौरान उनकी गाड़ी पकड़ी गई।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, नेटवर्क की जांच जारी
मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(II)(सी) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
महासमुंद जिले में हुई इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के मामले में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद ही तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।


