दुर्ग। लगातार बारिश के बाद शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से दुर्ग जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदी का पानी लगातार तीसरे दिन भी खेतों में भरा हुआ है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और फसलों को नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बाढ़ के कारण महामरा एनीकट पर करीब 8 फीट पानी होने की स्थिति बनी हुई है। शिवनाथ नदी में उफान के चलते आसपास के खेतों और निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। कई स्थानों पर खेत पूरी तरह जलमग्न दिखाई दे रहे हैं।
40 हजार एकड़ से अधिक रकबे में पानी
बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण जिले में करीब 40 हजार एकड़ से अधिक कृषि रकबा प्रभावित होने की बात सामने आई है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से धान सहित अन्य फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि लगातार पानी भरे रहने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, नदी के जलस्तर पर प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर बनी हुई है।
गांवों के सरहद तक पहुंचा पानी
शिवनाथ नदी का पानी आसपास के गांवों की सरहद तक पहुंच गया है। कई निचले इलाकों में खेतों और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव बना हुआ है। ग्रामीणों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
पहले भी कई बार उफान पर आ चुकी है शिवनाथ
शिवनाथ नदी में इस दौरान पहले भी कई बार उफान की स्थिति बन चुकी है। लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी चिंता खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से किसानों की फसल को होने वाले नुकसान को लेकर है।
प्रशासन द्वारा जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसानों को उम्मीद है कि पानी जल्द उतरने से फसलों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।


