बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर अब बिजली विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। बिलासपुर, मुंगेली और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में करीब 80 हजार पुराने बिजली बकायादार विभाग के निशाने पर हैं। कंपनी ने बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान तेज करने का फैसला लिया है और तीनों जिलों में रोजाना करीब 500 बिजली कनेक्शन काटने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बकाया बिल नहीं चुकाया तो कटेगा कनेक्शन
पिछले करीब तीन महीनों से बारिश के कारण बकायादारों के खिलाफ कनेक्शन काटने की कार्रवाई प्रभावित हुई थी। अब बारिश का दौर कम होने के बाद बिजली कंपनी इस अभियान को दोबारा गति देने जा रही है।
कंपनी का मुख्य फोकस ऐसे उपभोक्ताओं पर रहेगा, जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं। निर्धारित समय में बकाया राशि जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन नियमानुसार काटे जाएंगे। इसके साथ ही बिजली कंपनी राजस्व वसूली बढ़ाने और लाइन लॉस कम करने पर भी जोर दे रही है।
रोजाना 500 कनेक्शन काटने का लक्ष्य
बिजली विभाग ने मैदानी अमले को क्षेत्रवार बकायादारों की निगरानी करने और वसूली अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर, मुंगेली और GPM जिले में रोजाना करीब 500 कनेक्शन काटने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि इस अभियान से पुराने बकाये की वसूली के साथ-साथ बिजली चोरी और लाइन लॉस को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
लापरवाही पर AE-JE की तय होगी जिम्मेदारी
बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी विभाग सख्ती करेगा। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होने या कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एई और जेई की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बकायादारों में बढ़ी चिंता
बिजली कनेक्शन काटने के अभियान को लेकर स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई लोगों ने लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को उचित बताया है। वहीं, जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया है, उनमें विभाग की इस कार्रवाई को लेकर चिंता और हड़कंप की स्थिति है।
बिजली कंपनी के अभियान के तेज होने के साथ आने वाले दिनों में तीनों जिलों में बकायादार उपभोक्ताओं के खिलाफ कनेक्शन काटने की कार्रवाई और बढ़ने की संभावना है।

