नई दिल्ली। देश में LPG सिलेंडर की कीमत को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEW) की स्टडी में कहा गया है कि अगर 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत घटाकर करीब 400 रुपये कर दी जाए, तो 80 प्रतिशत से अधिक लोग पूरी तरह से गैस ईंधन का इस्तेमाल करने लगेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा कीमतें कई परिवारों की पहुंच से बाहर हैं, जिसके चलते वे लकड़ी, कोयला और महंगे अनौपचारिक सिलेंडरों पर निर्भर हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं की औसत भुगतान क्षमता करीब 500 रुपये प्रति LPG रिफिल है, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी मिलने के बाद सिलेंडर की कीमत करीब 642 रुपये बताई गई है। ऐसे में नियमित रिफिल कराना कई परिवारों के लिए चुनौती बना हुआ है।
प्रवासी मजदूरों के सामने बड़ी चुनौती
स्टडी के अनुसार, करीब 79 प्रतिशत प्रवासी मजदूरों के पास औपचारिक LPG कनेक्शन नहीं है और 4 प्रतिशत से भी कम लोग प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ उठा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवासी मजदूरों के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन के जरिए गैस कनेक्शन लेने की सुविधा पहले से मौजूद होने के बावजूद जागरूकता की कमी और कागजी प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोग योजना से नहीं जुड़ पा रहे हैं।
CEW की फेलो प्रार्थना बराह के मुताबिक सिर्फ LPG कनेक्शन उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है। लोगों के लिए नियमित रूप से रिफिल खरीद पाना, उज्ज्वला योजना की जानकारी होना और ग्रामीण क्षेत्रों में भरोसेमंद गैस डिलीवरी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
शहरी झुग्गियों में भी महंगा पड़ रहा LPG
रिपोर्ट के मुताबिक शहरी अनौपचारिक बस्तियों में करीब 70 प्रतिशत लोग पूरी तरह LPG का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बिना औपचारिक कनेक्शन वाले करीब 31 प्रतिशत लोगों को एड्रेस प्रूफ की समस्या के कारण कनेक्शन नहीं मिल पाता। इसके चलते कुछ परिवारों को अनौपचारिक बाजार से सिलेंडर खरीदना पड़ता है, जिसकी कीमत 1,040 रुपये तक पहुंच जाती है।
वहीं, खुले स्थानों में रहने वाले करीब 70 प्रतिशत प्रवासी मजदूर लकड़ी और कोयले जैसे ठोस ईंधनों पर निर्भर हैं। अनौपचारिक तरीके से LPG खरीदने वाले प्रवासियों को करीब 71 रुपये प्रति किलोग्राम तक भुगतान करना पड़ता है, जो आधिकारिक दर से 20 प्रतिशत से अधिक महंगा है।
सब्सिडी में 200 रुपये बढ़ाने की सिफारिश
CEW ने सरकार के सामने LPG को सस्ता और अधिक सुलभ बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्रालय से उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी में प्रति सिलेंडर करीब 200 रुपये की बढ़ोतरी करने की सिफारिश की गई है।
इसके अलावा प्रवासी मजदूरों को उज्ज्वला योजना से जोड़ने के लिए विशेष पंजीकरण अभियान चलाने का सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट में स्मार्ट मीटर कियोस्क की पायलट परियोजनाएं शुरू करने की भी बात कही गई है, जिससे लोग छोटी-छोटी किस्तों में LPG के लिए भुगतान कर सकें।
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सिलेंडर की घर-घर डिलीवरी बढ़ाने के लिए विक्रेताओं को अतिरिक्त या अलग-अलग कमीशन देने की सिफारिश भी की गई है। रिपोर्ट का जोर इस बात पर है कि स्वच्छ ईंधन की पहुंच केवल कनेक्शन देने तक सीमित न रहे, बल्कि LPG सस्ता, भरोसेमंद और लंबे समय तक इस्तेमाल करने योग्य भी हो।

