छत्तीसगढ़ यादव समाज के उपाध्यक्ष रमन लाल यादव द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति ।
- गौ माता का महत्व: हिन्दू धर्म में गौ माता को माता और लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। इनके दूध, गोबर और मूत्र का मानव जीवन में विशेष महत्व है।
- सड़क पर घूमती गायें: आज गौ माता सड़कों पर घूम रही हैं और दुर्घटनाओं का शिकार हो रही हैं, जो चिंता का विषय है।
- अतिक्रमण के कारण समस्या: चारागाह, शमशान घाट, तालाब की मेड़, नदी-नालों के किनारे और गौठान पर अतिक्रमण से गायों के लिए चारा और स्थान की भारी कमी हो गई है।
- गौ माता को गौठान में रखें: गायों को गौशाला की बजाय गौठान में रखा जाए जिससे उनकी देखभाल आसानी से हो सके।
- ग्राम स्तरीय समिति का गठन: ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, पटेल, पटवारी और कोटवार की एक समिति बनाई जाए जो अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी ले।
- अवैध अतिक्रमण हटाया जाए: किसानों द्वारा चारागाह, शमशान, तालाब की भूमि या सड़क पर किया गया अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।
- सड़क पर लगे झटका तार हटे: जिन किसानों ने अपने खेत के बजाय सड़क पर बिजली के झटका तार लगाए हैं, उनकी धान बिक्री पर रोक लगे।
- पैरा जलाने पर रोक: रोजगार गारंटी के तहत चारे (पैरा) को जलाने पर प्रतिबंध लगे और इसके बदले में ग्राम पंचायत स्तर पर पैरा खरीदी की सुविधा दी जाए।
- दूध और गोबर खरीदी: दूध की कीमत 100 से 200 रुपये प्रति लीटर तय की जाए और गोबर खरीदी योजना पुनः प्रारंभ हो।
- गांव में चरवाहों की कमी: चारागाहों पर अतिक्रमण के कारण चरवाहों को रोजगार नहीं मिल रहा है। इसे हटाया जाए।
- चारागाह पर कब्जा हटे: जिन किसानों ने चारागाह की जमीन पर खेती कर ली है, उन्हें आदेश दिया जाए कि उस भूमि पर चराने की अनुमति दें।
- गौ सेवा हेतु रोजगार: गौ माता की सेवा करने वालों को सरकार रोजगार प्रदान करे ताकि नई गौशालाओं की आवश्यकता न पड़े।
- गौशालाएं सीमित स्थानों पर बने: यदि शासन गौशालाएं बनाना चाहता है तो केवल दो स्थानों पर एक जंगल/पहाड़ी और एक मैदानी इलाके में गौशाला बनाई जाए।
- “खेत-सड़क योजना” लागू हो: किसानों की सुविधा के लिए खेत और सड़क को जोड़ने वाली योजना लागू की जाए ताकि कृषि और पशुपालन दोनों साथ में हो सकें।

