बेमेतरा जिले के बेरला ब्लाक के भींभौरी तहसील क्षेत्र के ग्राम नेवनारा में प्रस्तावित मेसर्स अरहम इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने तहसीलदार भींभौरी को एक ज्ञापन सौंपकर आगामी 22 दिसंबर को होने वाली लोक जन सुनवाई को तत्काल रद्द करने की मांग की है।
पर्यावरण और खेती को खतरे का हवाला
सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यदि इस क्षेत्र में इस्पात उद्योग की स्थापना होती है, तो इससे न केवल भारी जल संकट पैदा होगा, बल्कि प्रदूषण के कारण आसपास की उपजाऊ फसलों को भी भारी नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि बेरला क्षेत्र पूरी तरह से कृषि प्रधान है और यहाँ भारी उद्योगों की स्थापना से किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार होगा।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के बेरला ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय निषाद ने बताया कि जनहित और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए इस जन सुनवाई को रद्द करना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया और जन सुनवाई रद्द नहीं की तो छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और ग्रामीणों के सहयोग से विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मुख्य बिंदु –
*स्थान – ग्राम नेवनारा, तहसील भींभौरी।
- प्रस्तावित जन सुनवाई – 22/12/2025 सोमवार।
- प्रमुख मांग – पर्यावरण संरक्षण और कृषि सुरक्षा हेतु उद्योग की जन सुनवाई रद्द हो।
- प्रतियां प्रेषित – कलेक्टर बेमेतरा, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल और एसडीएम बेरला को भी मामले की सूचना दी गई है।
ज्ञापन देने के समय धनंजय निषाद बेरला ब्लॉक अध्यक्ष के साथ जिला उपाध्यक्ष गजेन्द्र निषाद एवं सेनानी पुरेन्द्र साहू, राजा वर्मा, सोहन परगनिहा, खिलेंद्र परगनिहा

