जागरूक मतदाता अभियान ने बढ़ाई लोकतंत्र में भागीदारी की उम्मीद
आगामी चुनावों को देखते हुए देशभर में मतदाता जागरूकता अभियान तेज़ हो गया है। नागरिकों को याद दिलाया जा रहा है कि उनका एक-एक वोट न केवल वर्तमान शासन, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की दिशा तय करता है।
जागरूकता संदेशों में कहा जा रहा है कि क्षणिक लाभ, छोटे निजी स्वार्थ या किसी प्रकार के प्रलोभन के तहत दिया गया वोट लोकतंत्र की आत्मा को कमजोर कर देता है। समाजसेवियों और युवा समूहों द्वारा जारी संदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वोट देने का पैमाना अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत कनेक्टिविटी, पारदर्शिता, विश्वसनीय बिजली व्यवस्था और स्वच्छ पानी–हवा जैसी बुनियादी जरूरतों पर आधारित होना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज का वोट इस बात का भी संकेत है कि हम आने वाली पीढ़ियों को नशामुक्त और अपराधमुक्त वातावरण दे पाएंगे या नहीं।
इसी अभियान के तहत लेखक राहुल चोपड़ा की पंक्तियाँ भी सोशल मीडिया पर खूब साझा की जा रही हैं—
“बिका हुआ है ज़मीर जिसका,
वो देश को महान कैसे बनाएगा?
प्रलोभन में आकर दिया है वोट जिसने,
इतिहास उसे माफ नहीं कर पाएगा।”
इन संदेशों का उद्देश्य मतदाताओं को उनके कीमती वोट की ताकत का एहसास कराना और उन्हें जिम्मेदारी के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।

