रायपुर : रायपुर में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर सुरक्षा की मांग उठाई। महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों, छेड़छाड़ और असुरक्षा के मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा—हमें केवल भाषण नहीं, बल्कि सुरक्षा चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पोस्टर और तख्तियां लेकर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने स्कूल-कॉलेज से लेकर कार्यस्थल तक महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की।
15 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपने की तैयारी
प्रदर्शनकारियों ने महिला सुरक्षा के लिए 15 सूत्रीय मांग-पत्र के माध्यम से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की मांग की। इसमें प्रमुख रूप से महिला सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, महिला पुलिस की गश्त बढ़ाने, छेड़छाड़ और अन्य अपराधों पर सख्त कार्रवाई करने तथा स्कूल-कॉलेज से कार्यस्थल तक सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
स्कूल-कॉलेज से कार्यस्थल तक सुरक्षा की मांग
महिलाओं का कहना है कि सुरक्षा का सवाल केवल घर तक सीमित नहीं है। छात्राओं को स्कूल-कॉलेज, महिलाओं को कार्यस्थल और आम नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिस की सक्रियता बढ़ाने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी उठाई।
भाषण नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहिए
प्रदर्शन का मुख्य संदेश स्पष्ट था—महिलाओं की सुरक्षा केवल घोषणाओं और भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए प्रभावी व्यवस्था, नियमित निगरानी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
अब देखना होगा कि महिलाओं की इन मांगों पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है और महिला सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावे जमीन पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।
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