घर बैठे होगी खाद की बुकिंग, क्यूआर कोड से मिलेगा उर्वरक; किसानों को कतारों से मिलेगी मुक्ति

राजनांदगांव। रबी सीजन 2026-27 से किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने और बार-बार खाद केंद्रों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। भारत सरकार की पहल के तहत खाद की ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल टोकन आधारित वितरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इस नई व्यवस्था के लिए फार्मर्स फार फर्टिलाइजर सेल (FFS) ऐप के माध्यम से वितरण प्रणाली विकसित की जा रही है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार खाद की बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग पूरी होने पर किसानों को क्यूआर कोड आधारित डिजिटल टोकन मिलेगा। इसके माध्यम से वे संबंधित अधिकृत विक्रय केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों का समय बचेगा और खाद वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।

भूमि और फसल के आधार पर होगी बुकिंग

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत किसानों को ऐप पर पंजीयन कर अपनी भूमि, फसल और उर्वरक की आवश्यकता से संबंधित जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके आधार पर निर्धारित पात्रता और खाद की उपलब्धता के अनुसार बुकिंग की सुविधा मिलेगी। बुकिंग पूरी होने के बाद डिजिटल टोकन जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग अधिकृत विक्रय केंद्र से खाद लेने के लिए किया जा सकेगा।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर रहेगी नजर

डिजिटल टोकन प्रणाली लागू होने से खाद की मांग, उपलब्धता, बुकिंग और वितरण का रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से रखा जा सकेगा। इससे संबंधित अधिकारियों को उर्वरक की आपूर्ति और वितरण की निगरानी करने में मदद मिलेगी। व्यवस्था का उद्देश्य अनियमित वितरण, अनावश्यक जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करना है।

किसानों को दी जाएगी तकनीकी जानकारी

नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कृषि विभाग, सहकारी समितियों, अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। किसानों को ऐप के उपयोग, पंजीयन, डिजिटल टोकन प्राप्त करने और खाद लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को डिजिटल प्रक्रिया से परिचित कराने और जरूरत पड़ने पर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

कृषि विभाग के उपसंचालक टीकम सिंह ठाकुर के अनुसार, रबी सीजन 2026-27 से इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है। इससे किसानों को खाद की बुकिंग और उपलब्धता से संबंधित जानकारी आसानी से मिल सकेगी। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर खाद की मांग और वितरण की समीक्षा करना भी आसान होगा।

नई डिजिटल व्यवस्था से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने और खाद के लिए लगने वाली लंबी कतारों से राहत दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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