दुर्ग। पति के उपचार के लिए लिए गए 20 हजार रुपये के कर्ज की मूल राशि और ब्याज चुकाने के बावजूद अतिरिक्त रकम की मांग करने तथा रकम नहीं देने पर महिला और उसके पुत्र से मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले में भिलाई भट्ठी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से प्रार्थिया का एक कोरा चेक और संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 को सुपेला निवासी श्रीमती रेखा ताण्डी ने थाना भिलाई भट्ठी में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पति के उपचार के लिए उन्होंने पूजा राव उर्फ वेंकट लक्ष्मी राव से 20 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि इस राशि पर साप्ताहिक ब्याज की मांग की जा रही थी।
प्रार्थिया के अनुसार, एकमुश्त रकम देने में असमर्थता जताने पर पूजा राव उसे उपचार कराने की बात कहकर अपने वाहन से अपने घर ले गई। वहां पूजा राव, चंदन राव और प्रवीण शर्मा द्वारा कथित रूप से अतिरिक्त रकम की मांग की गई। रकम नहीं देने पर गाली-गलौच करते हुए प्रार्थिया और उसके पुत्र से हाथ-मुक्के तथा डंडे से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद थाना भिलाई भट्ठी पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश कर उन्हें हिरासत में लिया। पूजा राव के घर की तलाशी के दौरान प्रार्थिया का एक कोरा चेक और संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
पूजा राव उर्फ वेंकट लक्ष्मी राव, उम्र 42 वर्ष
चंदन राव, उम्र 25 वर्ष
प्रवीण शर्मा, उम्र 48 वर्ष
तीनों आरोपी सेक्टर-01, सड़क 15, क्वार्टर क्रमांक 10 बी, भिलाई, थाना भिलाई भट्ठी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
जप्त सामग्री
प्रार्थिया का 01 नग कोरा चेक
प्रार्थिया से संबंधित दस्तावेज
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर अनाधिकृत या अनुचित ब्याज एवं वसूली के दबाव में न आएं। धमकी, मारपीट अथवा जबरन वसूली जैसी स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और कानून अपने हाथ में न लें। शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में थाना भिलाई भट्ठी प्रभारी निरीक्षक दिलीश्वर चन्द्रवंशी, सउनि भारत सिंह चौधरी, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम साहू, आरक्षक आशीष प्रसाद एवं अमित सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


