रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 5 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 584.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस अवधि के सामान्य औसत का 99.2 प्रतिशत है। अच्छी बारिश से प्रदेश के मैदानी और कृषि प्रधान क्षेत्रों में धान की रोपाई समेत कृषि कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है।
हालांकि, उत्तर और दक्षिण बस्तर के कुछ जिलों में औसत से कम वर्षा दर्ज होने के कारण प्रशासन और कृषि विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा, नारायणपुर में सर्वाधिक वर्षा
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सामान्य से 186.2 प्रतिशत अधिक यानी 838.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। वहीं कुल वर्षा के मामले में नारायणपुर जिला 1004.1 मिमी (141.1%) बारिश के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है।
इसके अलावा महासमुंद (139.3%), रायपुर (130.0%), गरियाबंद (128.9%), जांजगीर-चांपा (124.9%), बालोद (121.2%), बलौदाबाजार (116.8%), बलरामपुर (115.0%), दुर्ग (114.1%), सक्ति (114.0%) और धमतरी (112.9%) में भी सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
इन जिलों में अब भी कम बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है। सरगुजा में अब तक केवल 288.2 मिमी (65.1%) और सुकमा में 545.0 मिमी (67.2%) वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा जशपुर (69.1%), बीजापुर (70.4%), कांकेर (71.1%), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (75.0%), बेमेतरा (76.9%), बस्तर (77.4%) और कबीरधाम (81.6%) में भी सामान्य से कम बारिश हुई है।
कृषि गतिविधियों को मिला बढ़ावा
प्रदेश में सामान्य के करीब हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है। धान की रोपाई सहित खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से पूरी हो रही है। वहीं जिन जिलों में वर्षा कम हुई है, वहां प्रशासन, कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

