जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चत्रू इलाके में शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। तेज पानी के बहाव में कई वाहन बह गए, जबकि लोगों की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में अब तक किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। घटना के बाद एहतियात के तौर पर चत्रू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
बारिश से प्रभावित हुई अमरनाथ यात्रा
जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर श्रीअमरनाथ यात्रा पर भी पड़ा है। भारी बारिश के चलते शुक्रवार को बालटाल मार्ग से यात्रा स्थगित कर दी गई, जबकि पारंपरिक पहलगाम मार्ग पहले से ही बंद है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कई संवेदनशील इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है।
वैष्णो देवी मार्ग पर बढ़ाई गई सतर्कता
लगातार 12 दिनों के बाद माता वैष्णो देवी के बैटरी कार मार्ग पर यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है। हालांकि, त्रिकुटा पर्वत पर बादल छाए रहने और दोपहर बाद हुई बारिश के कारण कटड़ा-सांझीछत हेलीकॉप्टर सेवा पूरे दिन बाधित रही।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, एसडीआरएफ, श्राइन बोर्ड, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है।
4 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने जम्मू संभाग के करीब दस जिलों के लिए 4 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 100 से 200 मिलीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहेगा।
प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

