रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग पहले से ही भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में जुलाई माह में चार वरिष्ठ अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से विभाग के सामने प्रशासनिक चुनौतियां और बढ़ने वाली हैं। वरिष्ठ स्तर पर अधिकारियों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएंगे, जिससे विभाग में बड़े स्तर पर फेरबदल और नई नियुक्तियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
जुलाई में जिन चार वरिष्ठ आईएफएस अधिकारियों का सेवाकाल समाप्त हो रहा है, उनमें प्रेम कुमार, अनिल कुमार साहू, आलोक तिवारी और राजेश चंदेले शामिल हैं। वर्तमान में प्रेम कुमार वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) हैं, जबकि अनिल कुमार साहू राज्य लघु वनोपज संघ के एमडी का दायित्व संभाल रहे हैं। इनके सेवानिवृत्त होने के बाद दोनों महत्वपूर्ण संस्थानों के शीर्ष पद रिक्त हो जाएंगे।
वन मुख्यालय में बड़े फेरबदल की तैयारी
सूत्रों के अनुसार इन सेवानिवृत्तियों के बाद वन मुख्यालय में बड़े प्रशासनिक बदलाव की संभावना है। अगले महीने कई अधिकारियों के कार्यभार में परिवर्तन किया जा सकता है। इसके साथ ही रायपुर वन वृत्त सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में भी तबादलों और नई पदस्थापनाओं की चर्चा तेज हो गई है।
स्वीकृत पदों की तुलना में अधिकारियों की भारी कमी
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में आईएफएस अधिकारियों के 195 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 153 अधिकारी ही कार्यरत हैं। इनमें से भी करीब 15 अधिकारी राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। ऐसे में मैदानी और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपलब्ध अधिकारियों की संख्या और कम हो गई है।
PCCF रैंक के अधिकारियों की कमी बनी चिंता
वन विकास निगम और राज्य लघु वनोपज संघ जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में एमडी का पद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) रैंक का होता है। नियमों के अनुसार इस पद पर नियमित नियुक्ति के लिए कम से कम 30 वर्ष का सेवा अनुभव आवश्यक है। वर्तमान में ओपी यादव के बाद विभाग में ऐसा कोई अधिकारी नहीं है जिसने यह अनुभव अवधि पूरी की हो। ऐसे में सरकार को फिलहाल नियमित नियुक्ति के बजाय प्रभारी व्यवस्था से काम चलाना पड़ सकता है।
15 वरिष्ठ अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर
वर्तमान में अमरनाथ प्रसाद, प्रणीता पॉल, राजेश कल्लाजे, सोमा दास, विवेक आचार्य, राजू आगासिमानी, विश्वेश कुमार, जे. श्रीराम, सतोविशा समाजदार, विजया रात्रे, प्रियंका पांडेय, प्रणय मिश्रा और नायर विष्णु राज सहित कुल 15 वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी विभिन्न विभागों और राज्यों में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं। इससे विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों का संकट और गहरा गया है।
अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर हैं कि वह इस चुनौती से निपटने के लिए किस प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्था और नियुक्तियों का निर्णय लेती है।

