दूषित पानी और भोजन से फैल रहा हेपेटाइटिस-ई, विशेषज्ञों ने बरसात में सावधानी बरतने की दी सलाह

रायपुर। बरसात के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ भोजन के कारण हेपेटाइटिस-ई (Hepatitis-E) के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित पानी और दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से फैलता है। समय पर सावधानी बरतकर इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है।

प्रसिद्ध डॉक्टर रजनीश कांत मल्होत्रा के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार हेपेटाइटिस-ई से संक्रमित व्यक्ति में बुखार, कमजोरी, भूख कम लगना, मतली, उल्टी, पेट दर्द, आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया) तथा गहरे रंग का पेशाब जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बरसात के दिनों में केवल स्वच्छ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। बाहर खुले में बिकने वाले कटे फल, बासी भोजन और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचें। भोजन बनाने और खाने से पहले हाथों की अच्छी तरह सफाई करें तथा घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश मरीज उचित उपचार और आराम से ठीक हो जाते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से बरसात के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने और बीमारी के लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच कराने की अपील की है।

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