जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बेमेतरा जिले में चल रहे धान खरीदी में शिकायत प्राप्त होने पर आज बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम आनन्दगांव, हसदा एवं टकसीवा सोसायटी का निरीक्षण किया। जहां फैली हुई अवस्था को देखते हुए पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि सरकार को किसानों की चिंता नहीं है भाजपा की यह सरकार केवल पूंजीपतियों की सरकार है, इस सरकार को केवल किसानों से वोट चाहिए। किसानो की क्या हालत है किसान क्या परेशानी झेल रहे हैं, इससे भाजपा सरकार और उनके जन प्रतिनिधियों को कोई लेना-देना नहीं है।
सोसाइटी में आए हुए किसानों ने पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा से धान खरीदी में प्रति बोरे की मात्रा अलग-अलग होने की शिकायत दर्ज की, जिसमें किसानों ने बताया कि कुछ सोसाइटियों में 40 किलो 700 ग्राम तौल किया जा रहा है और कई जगह 40 किलो 200 ग्राम तौल किया जा रहा है, ऐसे में प्रति बोरा 500 ग्राम का अंतर आ रहा है, किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में लूटा जा रहा है।
वहीं जब धान की तौलाई में हमाली चार्ज शासन द्वारा वहन किया जाना है, तो सरकारी सोसाइटियों के द्वारा अवैध रूप से हमाली चार्ज काटा जा रहा है, जो सरासर किसानों के साथ लूट है। इस पर विधायक ने कहा कि वे इस विषय पर जिला कलेक्टर से बात करेंगे, आखिर अलग-अलग तौल धान खरीदी केन्द्रों पर क्यों किया जा रहा है, सभी जगह एकरूपता क्यों नहीं है। साथ ही साथ पूर्व विधायक ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से भाजपा की सरकार है और इस सरकार द्वारा किसानों से 31 सौ रुपए कि दर से ही धान खरीदी कर रही है, जबकि इन तीन वर्षों में तीन बार न्यूनतम समर्थन मूल्य की कीमतों में वृद्धि की जा चुकी है ऐसे में सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का फायदा भी किसानों को देना चाहिए। आज भाजपा अपने किए गए वादों से पलट रही है, किसानो और आम जनता को भी अब समझ आ चुका है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। यह सरकार जुमले की सरकार है, धरातल पर आम जनता की समस्याओं से इस सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। धान खरीदी केंद्र के निरीक्षण के दौरान ललित विश्वकर्मा, रवि परगनिहा, नेतराम निषाद, चंद्र विजय धीवर, विनोद परगनिहा, चंद्र शेखर परगनिहा, मनोज शर्मा, सुमित राजपूत, कृष्णा चतुर्वेदी, लोकनाथ यादव सहित किसान उपस्थित
पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने बेमेतरा जिले धान खरीदी में शिकायत पर सोसायटी का निरीक्षण किया।

