धमधा ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से दोपहिया, चौपहिया और ट्रैक्टर कंपनियों के शोरूम तो तेजी से खुलते जा रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन शोरूम के साथ आवश्यक सर्विस सेंटर उपलब्ध नहीं हैं। ग्राहकों को वाहन खरीदने के बाद सर्विसिंग के लिए दूर स्थित दुर्ग जिले तक जाना पड़ रहा है, जिससे समय, पैसे और व्यवसाय—तीनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्राहकों की शिकायत: “शोरूम पास, सर्विस दूर—यह कैसा सिस्टम?”
स्थानीय लोगों के अनुसार, वाहन खरीदने के बाद हर कुछ महीने में नियमित सर्विसिंग बेहद ज़रूरी होती है। लेकिन धमधा ब्लॉक के अधिकांश शोरूमों में सर्विस सुविधा नहीं है।
ग्राहकों का कहना है कि:
“वाहन यहीं बेचा जाता है, लेकिन सर्विस के लिए दुर्ग जाना पड़ता है।”
“इससे पूरा दिन खराब हो जाता है।”
“कई बार छोटे-मोटे काम के लिए भी दर्जनों किलोमीटर जाना पड़ता है।”
बेचना आसान, सेवा देना मुश्किल?
वाहन कंपनियाँ शोरूम खोलकर अपनी बिक्री तो बढ़ा रही हैं, लेकिन सर्विस सेंटर न खोलने की वजह से उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है।
उद्योग मानकों के अनुसार, अधिकतर कंपनियाँ शोरूम के साथ ही अधिकृत सर्विस सेंटर या कम-से-कम अधिकृत सर्विस पार्टनर उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि धंधा ब्लॉक में यह व्यवस्था क्यों लागू नहीं हो रही?
विभागों की भूमिका पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि शोरूम खुल रहे हैं तो स्वाभाविक रूप से संबंधित विभाग—जैसे RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय)—को यह देखना चाहिए कि कंपनियाँ नियमों के अनुसार सर्विस सुविधा भी उपलब्ध करा रही हैं या नहीं।
प्रश्न यह भी उठ रहा है कि: –
- क्या शोरूम अनुमोदन प्रक्रिया में सर्विस सेंटर की बाध्यता जांची गई?
- क्या कंपनियों ने शोरूम खोलने से पहले सर्विस व्यवस्था का कोई प्लान प्रस्तुत किया?
यदि नहीं, तो विभागों ने किस आधार पर अनुमति दी? - स्थानीय जनता मांग कर रही है कि विभाग इस मामले में जांच करे, ताकि उपभोक्ता अधिकारों का सही तरह से संरक्षण हो सके।
विशेषज्ञों की राय
वाहन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि:
“सर्विस सेंटर के बिना शोरूम खोलने से उपभोक्ता हित प्रभावित होते हैं।”
“ऐसी स्थिति में नियामक एजेंसियों को हस्तक्षेप कर व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।”
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
सभी कंपनियों को स्थानीय स्तर पर सर्विस सेंटर खोलने के लिए बाध्य किया जाए।
विभागीय अनुमोदन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाए।
नियमों का पालन न करने वाले शोरूमों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
निष्कर्ष
धमधा ब्लॉक में शोरूम तो खुल रहे हैं, लेकिन सर्विस सेंटरों की कमी से ग्राहकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। अब जनता और उपभोक्ताओं की नजरें विभागीय कार्रवाई और कंपनियों की अगली पहल पर टिकी हैं।

