छत्तीसगढ़ के ठीहा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार गायत्री सिंह एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसमें उनके पैर को काटने तक की नौबत आ सकती है। यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपना कार्यालय कार्य समाप्त कर घर लौट रही थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रास्ते में एक तेज़ रफ्तार हाईवा वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि गायत्री सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टर उनकी स्थिति को नाज़ुक बता रहे हैं।
इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या छत्तीसगढ़ में अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं?
क्या यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना है या इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता?
स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों का कहना है कि घटना स्थल पर पहले भी तेज़ रफ्तार भारी वाहनों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद रायपुर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाईवा जैसे भारी वाहनों की आवाजाही, गति नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, गायत्री सिंह की दर्दनाक सड़क दुर्घटना से मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के ठीहा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार गायत्री सिंह एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसमें उनके पैर को काटने तक की नौबत आ सकती है। यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपना कार्यालय कार्य समाप्त कर घर लौट रही थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रास्ते में एक तेज़ रफ्तार हाईवा वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि गायत्री सिंह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टर उनकी स्थिति को नाज़ुक बता रहे हैं।
इस घटना के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या छत्तीसगढ़ में अब पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं?
क्या यह सिर्फ एक सड़क दुर्घटना है या इसके पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता?
स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों का कहना है कि घटना स्थल पर पहले भी तेज़ रफ्तार भारी वाहनों के कारण कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद रायपुर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाईवा जैसे भारी वाहनों की आवाजाही, गति नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।

