राहुल चोपड़ा ने नशामुक्त समाज की ओर कदम पर उठाया कदम
मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। यह केवल नशों में खो जाने के लिए नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे अनंत ज्ञान, शक्ति और संभावनाओं को पहचानने के लिए मिला है। फिर भी, नशे की राह व्यक्ति को ही नहीं, उसके पूरे परिवार को धीरे-धीरे तोड़ देती है।
नशे की आदत केवल एक इंसान को नहीं निगलती, बल्कि उसके साथ-साथ उन लोगों की उम्मीदों को भी खत्म करती है, जो उससे प्रेम करते हैं।
- वह मां, जो बेटे को एक अच्छे इंसान के रूप में देखना चाहती है।
- वह पिता, जिसकी तमन्ना है कि उसका बेटा उससे भी ऊंचाइयों को छुए।
- वह भाई, जो उसके साथ मिलकर जीवन की खुशियां बांटना चाहता है।
- वह बहन, जो अपने भाई से सुरक्षा और संबल की उम्मीद करती है।
- वह बेटा, जिसे अभी इस दुनिया की सुंदरता देखनी बाकी है।
- वह बेटी, जिसके लिए उसका पिता इस धरती पर भगवान के समान है।
नशा इन सभी रिश्तों की नींव को हिला देता है। यह विश्वास, प्रेम और भविष्य—सब पर एक गहरी चोट करता है।
इसलिए, बदलाव की शुरुआत हम सबको मिलकर करनी होगी।
एक छोटा सा प्रयास भी किसी का कल संवार सकता है।
आइए, हाथ बढ़ाएं और नशामुक्त समाज की ओर कदम बढ़ाएं।

