दुर्ग। धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम परसकोल में मवेशियों को लेकर सरपंच और ग्रामीणों के बीच विवाद ने अचानक आग पकड़ ली। बात इतनी बढ़ी कि पंचायत कार्यालय परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्ष धमधा थाना पहुंच गए, जहां पुलिस ने काउंटर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम परसकोल निवासी टूमन लाल भारती के दो मवेशी गांव में घूम रहे आवारा मवेशियों के बीच मिले, जिन्हें ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गौशाला में पहुंचा दिया गया। टूमन लाल का कहना है कि उसके मवेशी कई दिनों से बीमार चल रहे थे और गांव में लगातार मवेशियों की मौत की खबरें भी सामने आ रही थीं। इसी डर से वह अपने मवेशी छुड़ाने सरपंच देव कुमार वर्मा के पास पहुंचा।
टूमन लाल का आरोप है कि उसकी बात सुनने के बजाय सरपंच ने गाली-गलौज की। विवाद बढ़ा तो मामला हाथापाई तक पहुंच गया। शोरगुल सुनकर अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने भिड़ गए।
सरपंच ने लगाया पलटवार, बताया साजिश
उधर सरपंच देव कुमार वर्मा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि टूमन लाल जिन मवेशियों का दावा कर रहा है, वे उसके हैं ही नहीं। पंचायत द्वारा फसल सुरक्षा के लिए आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला में रखा जाता है। सरपंच का आरोप है कि टूमन लाल जबरदस्ती दबाव बनाते हुए गौशाला से मवेशी छुड़ाने पहुंचा और उसी दौरान उसने ही गाली-गलौज कर हमला किया। सरपंच ने घटना को उनके खिलाफ रची गई सोची-समझी साजिश बताया है।
पुलिस ने दर्ज किया काउंटर केस
घटना के बाद दोनों पक्ष धमधा थाना पहुंचे। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर दोनों ओर से मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में काउंटर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब घटनास्थल के गवाहों और अन्य ग्रामीणों के बयान भी दर्ज कर रही है।
गांव में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। मवेशियों के विवाद से शुरू हुआ झगड़ा पंचायत स्तर पर बढ़ते तनाव की तस्वीर भी पेश करता है।

