रायपुर (छत्तीसगढ़) ताम्रकार समाज रायपुर द्वारा समाज के आराध्य देव श्री सहस्त्रबाहु जी की जयंती का भव्य आयोजन पुरानी बस्ती स्थित नागरी दास मंदिर प्रांगण में संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज द्वारा लगभग पिछले पाँच दशकों से निरंतर रूप से किया जा रहा है। इस अवसर पर समाज की महिलाएं, बच्चे, युवा एवं वरिष्ठजन बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं तथा समाज के वरिष्ठजनों एवं उपलब्धि प्राप्त व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को एकता के सूत्र में पिरोए रखना और समाज में जागरूकता लाना बताया गया। समारोह में समाज के संरक्षकगण —श्री भीषम लाल ताम्रकार जी,श्री अरुण ताम्रकार जी,श्री शेषनारायण ताम्रकार जी,श्री संतोष ताम्रकार जी (सीजी नगर),श्री ओमप्रकाश ताम्रकार जी,श्री हेमंत ताम्रकार जी, श्री अशोक ताम्रकार जी,श्री शिवनारायण ताम्रकार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। वही इस मौके पर समाज की कार्यकारिणी समिति इस प्रकार रही अध्यक्ष : श्री धीरज ताम्रकार जी,उपाध्यक्ष : श्री रामकुमार महलवार जी, श्री तारकेश ताम्रकार जी,सचिव : श्री सतीश महलवार जी, श्री दीपक ताम्रकार जी,सहसचिव : श्री सुरेश ताम्रकार जी, श्री प्रवीण ताम्रकार जी,कोषाध्यक्ष : श्री लोकेश ताम्रकार जी,क्रीड़ा सचिव : श्री हितेंद्र कुमार ताम्रकार जी, श्री सुब्रत ताम्रकार जी, प्रचार प्रसार सचिव : श्री प्रफुल्ल ताम्रकार जी,विधिक सलाहकार : श्री योगेंद्र ताम्रकार जी, श्री रविंद्र ताम्रकार जी, श्री सतीश महलवार जी, राजनीतिक सलाहकार : श्री शरद ताम्रकार जी ,कार्यकारिणी सदस्य :
श्री संतोष ताम्रकार (अभनपुर), श्री प्रकाश ताम्रकार (अमलेश्वर), श्री युगलकिशोर ताम्रकार (बबला), श्री किशोर ताम्रकार (कोटा), श्री सुनील महलवार, श्री योगेश ताम्रकार, श्री मानिक ताम्रकार, श्री खिलावन ताम्रकार तथा समस्त ताम्रकार युवा समाज रायपुर। कार्यक्रम के अंत में सभी समाजजनों ने एकता, सद्भावना एवं सेवा के पथ पर अग्रसर रहने का संकल्प लिया।
“श्री सहस्त्रबाहु जी ने समाज के उत्थान, एकता और संगठन की दिशा में जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने हमें यह संदेश दिया कि समाज तभी प्रगति कर सकता है जब सभी सदस्य मिलजुलकर कार्य करें। उनके आदर्श आज भी हमें मार्गदर्शन देते हैं।”
धीरज ताम्रकार ,अध्यक्ष ताम्रकार समाज रायपुर

“हमारा समाज तभी प्रगति कर सकता है जब हम एक-दूसरे का सहयोग करें और अपने आराध्य श्री सहस्त्रबाहु जी के बताए मार्ग पर चलें। यह जयंती केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमें हमारी संस्कृति, एकता और परंपरा से जोड़ने का अवसर है। युवाओं को आगे आकर समाज सेवा में योगदान देना चाहिए।”
तारकेश ताम्रकार,उपाध्यक्ष ताम्रकार समाज रायपुर


