शहीद दुर्वासालाल निषाद प्रतिमा के सामने आयोजित श्रद्धांजलि देने पहुचे अहिवारा क्षेत्र विधायक डोमन लाल कोर्सेवाडा जी
अंडा। शहादत समारोह अमर शहीद दुर्वासालाल निषाद अत्यन्त गौरव का विषय है कि अमर सपूत दुर्वासा लाल निषाद ने कारगिल युद्ध के दौरान मातृभूमि भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राण उत्सर्ग किये, जिसकी स्मृति में 25 वां शहादत दिवस समारोह सम्पन्न हुआ। अमर शहीद के सम्मानार्थ समारोह के अतिथिगण मुख्य अतिथि – विधायक अहिवारा क्षेत्र डोमन लाल कोर्सेवाडा, अध्यक्षता – सरपंच ग्राम पंचायत देवरी ख कुसुम प्रमोद देशमुख, विशिष्ट अतिथि – दंतेश्वरी निषाद विधायक गुण्डरदेही क्षेत्र कुंवर सिंह निषाद के धर्म पत्नी, पुरुषोत्तम चंद्राकर अध्यक्ष जनपद पंचायत गुण्डरदेही, अध्यक्ष भाजपा मंडल ओटेबंध कुलदीप साहू, अध्यक्ष अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिसर बालोद नंदकिशोर साहू, संरक्षक अखिल भारतीय पूर्व सैनिक संघ पवन निषाद जी, अध्यक्ष छ. ग. आर्मी फाउंडेशन दुर्ग हरप्रीत सिंह, पूर्व अध्यक्ष निषाद समाज जिला दुर्ग एवं साहित्यकार बद्री प्रसाद पारकर, परदेशी राम वर्मा, शहीद के गौरवगान एवं मातृभूमि के सम्मानार्थ समारोह में अवश्य पधारे अमर शहीद दुर्वासालाल निषाद के पिता मुनी लाल निषाद एवं माता बोधनी बाई निषाद, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक मातृ शाक्ति निठ. दुर्ग अध्यक्ष सावित्री निषाद, सचिव मंजू टंडन उपस्थित थे,
शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम वितरण दिनांक 4 सितंबर 2025 दिन गुरुवार स्थान – देवरी ख जिला – बालोद प्रातः 8.00 बजे शांति पाठ, श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक कार्यक्रम सुबह 11 बजे अतिथि आगमन, गॉड ऑफ ऑर्नर शहीद के परिजनों का अभिनंदन मेघावी छात्र सम्मान किया गया।
कारगिल युद्ध में शहीद अमर जवान दुर्वासा लाल निषाद के 25 वा शहीद दिवस पर गुण्डरदेही विकास खंड के ग्राम देवरी ख उनके गृह ग्राम में स्थापित शहीद दुर्वासालाल निषाद प्रतिमा के सामने आयोजित श्रद्धांजलि सभा में विधायक अहिवारा क्षेत्र डोमन लाल कोर्सेवाडा ने दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित किया।
इस अवसर पर विधायक अहिवारा क्षेत्र डोमन लाल कोर्सेवाडा ने कहा कि मां भारती का गोद तब लाल हुआ था, जब लहुलुहान शहीद दुर्वासालाल हुआ था। वतन के खातिर जो बलिदान हुए, जिनकी शहादत पर हम सबको गर्व है, उनके बदौलत ही आज गांव में ऐसा पर्व है। वतन की रक्षा के लिए जो बलिदान होता है अदभुत वो हर जवान होता हैं। हमारे लिए पूरी धरती छोड़ जाते हैं। और डूबते सितारों के लिए आसमान होता हैं। उन्होंने ग्राम देवरी ख के हर संभव मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने की बात कही। शहीद दुर्वासालाल निषाद का जन्म सन 1-4-1975 एक गरीब परिवार के छोटे से गांव ग्राम देवरी ख मुन्नी लाल निषाद के घर में जन्म हुआ था। बचपन से ही देश के प्रति लगाव था। 12 वीं पढ़ाई के बाद सन 28-12-1993 को 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुआ था। बहुत कम उम्र में देश के प्रति रक्षा के लिए तैयार हो गया। जब भारत और पाकिस्तान के कारगिल युद्ध के समय जब सियाचिन में युद्ध के लिए इन्होंने सेना के लिए आर्मी जवानों के लिए उपयोगी समान होकर गाड़ी में ले जा रहा था तभी दुश्मनों ने गोली दागना शुरू कर दिया। जिसमें उन्हें गोली लग गई। गोली लगने के बाद भी वह अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी आर्मी उपयोगी समान को कैम्प तक पहुंचाया। वहां से उनकी मातृभूमि की रक्षा के लिए सन 4-9-1998 में मात्र 23 साल के उम्र में शहीद हो गया।
इस कार्यक्रम में उपस्थित पंचायत सचिव गुलाब साहू, उपसरपंच अंसू गायकवाड, प्रमोद देशमुख, गिरधर देशमुख, पूर्व सरपंच खिलेन्द साहू, पूर्व सरपंच भेल सिंह साहू, कुंदन निषाद , भूपेंद्र निषाद, सुमन धृतलहरे, ओमप्रकाश, ललित साहू, महेश देशमुख, शिवकुमार गायकवाड, उत्तम गायकवाड सहित ग्रामवासी उपस्थित थे, इस कार्यक्रम के मंच संचालन व आभार शिक्षक जीवन लाल चन्द्राकर द्वारा किया गया।

